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जॉर्ज वाशिंगटन का जीवन परिचय Life Of George Washington In Hindi

 



 जॉर्ज वाशिंगटन का जीवन परिचय Life Of George Washington In Hindi


     जॉर्ज वाशिंगटन जो अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति थे, उनके विषय में अनेक ऐसी कथाएं प्रचलित हैं जो किसी भी राजनेता की छवि ख़राब कर सकती हैं। लेकिन अमेरिकी उन्हें किस नजर से देखते हैं यह हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे। लेकिन पहले हम जॉर्ज वाशिंगटन का संक्षिप्त जीवन परिचय और उनकी अमेरिका के लिए उपलब्धियों पर भी चर्चा कर लेते हैं। 

 



                                         जार्ज वाशिंगटन

 जॉर्ज वाशिंगटन का जीवन परिचय 

  जॉर्ज वाशिंगटन ( George Washington ) का जन्म 22 फरवरी 1732 को पॉपस क्रीक वर्जीनिया ब्रिटिश उपनिवेश में हुआ था। उनकी माता का नाम मैरी बॉल और पिता का नाम औगस्टाइन वाशिंगटन था।  जॉर्ज वाशिंगटन के माता-पिता दोनों ही एक स्थानीय विश्वविद्यालय में  शिक्षक थे। बतौर बालक वाशिंगटन ने किसी विद्यालय में प्रवेश  नहीं लिया। 

    जॉर्ज वाशिंगटन के बचपन की एक कहानी  के विषय में जानना आवश्यक हो जो कि पार्सन वीम्स द्वारा गढ़ी गयी एक मनगढ़ंत कहानी है। कहानी के अनुसार जॉर्ज वाशिंगटन ने बचपन में अपने पिता के चेरी के वृक्ष को काट दिया था। जब पिता पूछा कि यह सब किसने किया तो वाशिंगटन ने ईमानदारी से सबकुछ सच बता दिया। यह मनगढ़ंत कहानी सिर्फ इसलिए गढ़ी गयी ताकि वाशिंगटन को बचपन से ही ईमानदारी का प्रतिबिम्ब दिखा सकें। 

    यह एक आश्चर्य की बात है कि शिक्षक माता-पिता के होते हुए भी वाशिंगटन बचपन में स्कूल नहीं गए। जब वाशिंगटन 11 साल के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गयी उनकी  देखभाल में उनके बड़े भाई ने पिता  की तरह भूमिका निभाई।

जॉर्ज वाशिंगटन का वैवाहिक जीवन 

  जॉर्ज वाशिंगटन ने एक विधवा स्त्री मार्था डॅन्डरिज से विवाह किया था। मार्था डॅन्डरिज के पहले पति से दो  संतान थीं लेकिन तलाक के बाद उसे काफी सम्पत्ति प्राप्त हुयी थी। 

  वाशिंगटन और मार्था की शादी से कोई संतान नहीं हुयी, इसलिए वाशिंगटन मार्था के पहले पति के बच्चों को ही अपनी संतान की तरह प्यार करते थे। इसी बीच उनके बड़े भाई की मृत्यु हो गयी और उनकी सारी संपत्ति वाशिंगटन मिली। जिसके बाद उन्होंने एक बड़ा घर ख़रीदा जो आज "माउन्ट वर्नन" के नाम  जाता है। 


जार्ज वाशिंगटन और अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम 

   जार्ज वाशिंगटन  अपने जीवन की शुरुआत एक भूमापक ( जमीन नापने वाला ) के तौर पर शुरुआत  की थी।   उसके बाद वे अमेरिकी सेना में भर्ती हो गए।  अपने कौशल और साहस से शीघ्र ही वाशिंगटन मेजर के पद पर पहुँच गए ( 6 नवंबर 1752 )  ,   इसके बाद 24 जुलाई 1758  वर्जीनिया के प्रतिनिधि के रूप में गए। इस बीच वाशिंगटन ने फ्रांस के  विरुद्ध युद्धों में  लिया। वाशिंगटन 16 जून 1775 को उत्तरी राज्यों की संयुक्त सेनाओं के प्रधान चुन लिए गए। वाशिंगटन ने बतौर सेना प्रधान नौवार्षीय युद्ध में ब्रिटिश सेना को धरासायी कर  दिया। मजबूरन ब्रिटिश सरकार  को संयुक्त राज्यों को  आज़ाद करना पड़ा। लगातार सफलताएं प्राप्त करते हुए 4 जुलाई 1758 को जार्ज वाशिंगटन लेफ्टिनेंट जनरल और  सेनापति  चुने गए। 

राष्ट्रपति के रूप में जार्ज वाशिंगटन 

  28 मई 1758 को  वाशिंगटन फेडरल सम्मलेन के अध्यक्ष चुने गए।  इसी वर्ष जार्ज वाशिंगटन ने संविधान प्रारूप पर हस्ताक्षर किये।  30 अप्रैल 1789 को जार्ज वाशिंगटन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।  जार्ज वाशिंगटन ने राष्ट्रपति के रूप में दो कार्यकाल पूरे किये। उसके बाद वह स्वयं राष्ट्रपति पद से हट गए और यह नियम भी बनाया कि कोई भी व्यक्ति दो बार से ज्यादा अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं चुना जायेगा। जार्ज वाशिंगटन की मृत्यु गले में इन्फेक्शन की वजह  से 14 सितम्बर 1799 को हुयी।

    जार्ज वाशिंगटन अमेरिकियों की नजर से


     वास्तव में अमेरिकी  नेतृत्वकर्ताओं की सूचि जार्ज वाशिंगटन के  बिना अधूरी होगी। वास्तव में महान राष्ट्रपतियों की "शीर्ष दस" सूची में, वाशिंगटन का नाम निश्चित रूप से लगभग शीर्ष सूची में ही होगा।  अमेरिकी इतिहास में उनका कद अत्यंत महान और पूजनीय है और अपने पहले राष्ट्रपति के प्रति प्रत्येक अमरीकी कृतज्ञ है।
 



       वास्तव में, हमारे पहले राष्ट्रपति के बारे में बहुत कुछ मिथक और कुछ संदेहस्पद  है जो इस महान नेता के लिए लोगों के प्यार को दर्शाता है। इस देश में बहुत से लोग उनके कथित लकड़ी के दांतों के बारे में कई उद्धरणों से चर्चा  हैं। इस मिथकीय कहानी में कि कैसे उन्होंने एक बच्चे के रूप में पोटोमैक में एक चांदी का डॉलर फेंका या पकड़े जाने पर उसकी प्रतिक्रिया।  एक चीड़ के पेड़ को काटकर आरोप का जवाब दिया "मैं झूठ नहीं बोल सकता", इस महान नेता की राष्ट्रीय स्मृति में वाशिंगटन का मिथक मजबूत करता है।

         वॉशिंगटन कभी भी सबसे महान राष्ट्र के राष्ट्रपति बनने के लिए तैयार नहीं थे, यहां तक ​​कि नए देश में नेतृत्व की कमी को दूर करने के लिए उसने एक कुशल नेतृत्व की शुरुआत करने में मदद की।  यह वही था जिसने एक "नागरिक अध्यक्ष" की अवधारणा को जन्म दिया था और वह उस अवधारणा में इतनी दृढ़ता से विश्वास करता था कि उसने तीसरे कार्यकाल के लिए दौड़ने से इनकार कर दिया, क्योंकि नागरिक नेता के रूप में उसका समय समाप्त हो गया था।  22 वें संशोधन के रूप में हमारे संविधान के हिस्से में दर्ज होने तक यह परंपरा थोड़े अपवाद के साथ कायम थी।
 

     राष्ट्रपति से पहले वाशिंगटन एक महान राजनीतिक नेता थे , उसने युद्ध के क्षेत्र में अपने जबरदस्त   नेतृत्व कौशल दिखाए।  उन्होंने फ्रांसीसी और भारतीय युद्ध में सम्मानपूर्वक सेवा करने की कला और उनके प्रभाव और उस संघर्ष के दौरान जो सम्मान अर्जित किया था, उसने उन्हें सेनापति और अमेरिकी सेना के प्रमुख का खिताब दिया। कुछ साल बाद जब  वह अमेरिका के राष्ट्रपति पद पर बैठे , तो उन्होंने कमांडर और प्रमुख की जिम्मेदारी अपने साथ राष्ट्रपति पद के लिए ले ली, जहां आज भी इस भूमिका का निर्वाह जारी है, हालांकि हमारे कुछ आधुनिक राष्ट्रपतियों में वाशिंगटन की सैन्य साख है।

         क्रांतिकारी युद्ध के दौरान सैनिकों की कमान संभालते समय, एक प्रसिद्ध घटना जिसे कलाकारों द्वारा खूबसूरती से कब्जा कर लिया गया था, वह न्यू जर्सी में डेलावेयर को पार करने और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई जीतने का उनका निर्णय था।  यह अभी तक एक और शानदार युद्धाभ्यास था जिसने सैन्य रणनीति की अपनी दृढ़ता दिखाई और केवल पुरुषों के उत्कृष्ट नेता के रूप में उनकी प्रसिद्धि और प्रतिष्ठा को जोड़ने का काम किया।

              युद्ध के बाद, वाशिंगटन फिर से सार्वजनिक जीवन से सेवानिवृत्त होने में रुचि रखता था, लेकिन जब देश को उसकी आवश्यकता थी, तो वह कभी भी पीछे नहीं हटने वाला था।  अमेरिकी संविधान के सफल प्रारूपण का आश्वासन देने के लिए उन्होंने कॉन्टिनेंटल कांग्रेस की अध्यक्षता की और उसे इसकी आवश्यकता थी। अपने जीवन की कई महान उपलब्धियों में से, अमेरिकी राजनीतिक संयुक्ताक्षर की इस उत्कृष्ट कृति का निर्माण करने के लिए उस सभा को नेतृत्व और प्रेरणा प्रदान करने की उनकी क्षमता निश्चित रूप से शायद उनके सबसे अच्छे समय के रूप में दर्ज की जाएगी।

      जॉर्ज वॉशिंगटन को उनके बेहतर नेतृत्व कौशल के लिए पुरस्कृत किया गया था जब उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के पहले राष्ट्रपति के रूप में सेवा करने की कठिन  जिम्मेदारी दी गई थी।  अपने प्रारंभिक विकास के पूर्वी चरण में राष्ट्र को जो कुछ भी चाहिए था, उसकी बुद्धिमत्ता और अंतर्दृष्टि ने उसे एक संघर्षरत गणराज्य के लिए एक महत्पूर्ण व्यक्ति बना दिया।  कुछ लोग मानते हैं कि राष्ट्रपति पद के लिए उनके सबसे बड़े योगदान में से एक यह था कि राष्ट्र गरीबी  और युद्ध से थके हुए थे।  अपने  प्रभाव और बातचीत के  कौशल का उपयोग करते हुए, वाशिंगटन ने कई महत्वपूर्ण संधियों पर हस्ताक्षर किए, जिसके परिणामस्वरूप युद्ध के लिए उतावले देश भी शांति की ओर उन्मुख हुए।

         इस प्रकार वाशिंगटन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में दो कार्यकालों के लिए नेतृत्व प्रदान करने से कभी नहीं थक रहा था और यह वह था जिसने तीसरे कार्यकाल की सेवा नहीं करने का फैसला किया और निजी जीवन में एक बार फिर से लौटा।  लेकिन देश और दुनिया पर उनका प्रभाव गहरा और लंबे समय तक चला था।  यह राष्ट्र को प्रभावित करने वाला एक प्रकार का प्रभाव था जिसने सही मायने में उन्हें "राष्ट्र के पिता" के रूप में इस दिन से जुड़ा शीर्षक दिया।


जार्ज वाशिंगटन  जुड़े कुछ महत्पूर्ण तथ्य 

जार्ज वाशिंगटन की  मृत्यु 14 सितम्बर 1799 में गले में संक्रमण के कारण हुयी, क्योंकि वह अत्यधिक शराब और तम्बाकू  बहुत प्रयुक्त करते थे

जार्ज वाशिंगटन ने 1761 में दक्षिण राज्यों की लगभग 1887 मील की यात्रा घोडा गाड़ी के माध्यम से सम्पन्न की। 

जार्ज वाशिंगटन ने 1774 के ऐतिहासिक फिलाडेल्फिया सम्मलेन में वर्जीनिया का प्रतिनिधित्व किया था। 

एक मौका ऐसा भी आया जब एक बार युद्ध के दौरान घोड़े को गोली लग गयी , तब वासिंगटन ने भागकर अपनी जान जान बचाई। 

जार्ज वाशिंगटन एकलौते  राष्ट्रपति हैं जिन्हें सभी पार्टियों ने सर्वसम्मति से राष्ट्रपति चुना गया था। 

अमेरिका की वर्तमान राजधानी ( वाशिंगटन डी. सी. ) का नाम जार्ज वाशिंगटन के नाम पर ही रखा गया है। जार्ज वाशिंगटन के समय न्यूयार्क सिटी अमेरिका की राजधानी थी। 

जार्ज वाशिंगटन के अपनी कोई संतान नहीं थी। 

जार्ज वाशिंगटन को अमेरिका का सबसे बीमार राष्ट्रपति माना जाता है। 

वाशिंगटन की स्वयं की व्हिस्की की फैक्टरी थी। 

 

 



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